पुणे, फरवरी (जिमाका)
भारत सरकार के आवास एवं शहरी विभाग मंत्रालय और यशवंतराव चव्हाण विकास प्रशासन प्रबोधिनी द्वारा संयुक्त रूप से ‘राष्ट्रीय शहरी भूमि’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन भारत सरकार के सह सचिव दीपक अग्रवाल के शुभ हाथों किया गया।
यशदा में आयोजित इस कार्यक्रम को सर्वे ऑफ इंडिया के पूर्व सर्वेयर जनरल लेफ्टिनेंट जनरल गिरीश कुमार, महाराष्ट्र के जमाबंदी आयुक्त सुधांशु, यशदा के महासंचालक एस. चोक्कलिंगम आदि उपस्थित थे।

इस राष्ट्रीय सम्मेलन में उत्तराखंड, राजस्थान, कर्नाटक, गुजरात, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, केरल, पंजाब, गोवा, मध्य प्रदेश, असम,सिक्किम, झारखंड, मणिपुर, हरियाणा, जम्मू और कश्मीर आदि राज्यों के कुल 45 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
भारत में बहुत कम शहरों के पास अद्यतन भूमि रिकॉर्ड और मानचित्र हैं। अधिकांश भूमि के संपत्ति कर रिकॉर्ड उपलब्ध हैं और अद्यतन रखे गए हैं, लेकिन शहरी भूमि रिकॉर्ड अद्यतन नहीं हैं। इस महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा के लिए विभिन्न राज्यों से सचिव, जमाबंदी आयुक्त, जिलाधिकारी, महानगरपालिका आयुक्त, शहरी योजनाकार आदि अधिकारियों ने इस सम्मेलन में भाग लिया।

यशदा के महासंचालक श्री चोक्कलिंगम ने बताया कि शहरी क्षेत्रों के लिए भूमि रिकॉर्ड और ऊंची इमारतों के लिए भूमि रिकॉर्ड तैयार करने की आवश्यकता है। भारत में भूमि सर्वेक्षण के इतिहास के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों में भूमि रिकॉर्डिंग की चुनौतिया हैं।
ले.ज.गिरिशकुमार ने सर्वेक्षण के तकनीकी पहलुओं को प्रस्तुत किया। जमाबंदी आयुक्त श्री सुधांशु ने वास्तविक शहर सर्वेक्षण के दौरान सामने आनेवाले वास्तविक प्रश्न के संबंध में एक विस्तृत प्रस्तुति दी।

गुजरात के उपनिदेशक श्री नाडा ने गुजरात में शहरों के सर्वेक्षण रिकॉर्ड और ऊंची इमारतों के रिकॉर्ड तैयार करने की प्रक्रिया पर एक प्रस्तुति दी।
इसके अलावा केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु इन राज्यों ने इस संबंध में चल रहे प्रयासों की जानकारी दी।

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