पुलिसकर्मी पर हमला करने के मामले में मुंबई उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत मंजूर

पुणे, अगस्त (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)
पुणे के सहकारनगर पुलिस स्टेशन में तैनात पुलिस कांस्टेबल चंद्रकांत विष्णु जाधव को 15/02/2025 को अपनी ड्यूटी खत्म करने के बाद रात करीब एक बजे वह अपने घर रामोशी वाडी प्रार्थना अस्पताल के पीछे एसबी रोड, पुणे जाने के बाद वहाँ उन्होंने अपनी गाड़ी घर के पास सड़क के किनारे खड़ी कर दी। उस समय कुछ युवक, जिसमें अनिकेत राजेश चव्हाण, अनिकेत घोडके, अभि डोंगरे सभी 20 से 25 साल के युवक वहाँ शोर मचाते हुए बैठे थे। तभी श्री चंद्रकांत जाधव ने उनसे पूछा कि वह इतनी रात को हंगामा क्यों कर रहे हैं। यह पूछने पर अनिकेत घोडके और अभिजीत डोंगरे उनके पीछे से आए और उन्हें थप्पड़ मुक्कों से पीटना शुरू कर दिया। तभी सामने से भूपेश मांजरेकर ने आकर उसने भी जाधव को थप्पड़ों से पीटा। वह उन्हें घसीटते हुए एक खड़े रिक्शे तक ले गए। उस जगह पर अनिकेत राजेश चव्हाण और रूपेश मांजरेकर ने जाधव के सिर, चेहरे और छाती पर मुक्कों से मारपीट की। उन्हें घसीटते हुए रिक्शे में डालते हुए, रूपेश मांजरेकर ने अनिकेत घोडके से कहा कि वह पत्थर उठा ले और जान से मार दे, उस पुलिसवाले को ताकि वह फिर कभी हमारे रास्ते में न आए।
इसके बाद अनिकेत घोडके ने हाथ में पत्थर लिया और जाधव के माथे और सिर पर ज़ोर से वार किया। उन्हें मारने की कोशिश करते हुए, उनके सिर पर दो-तीन वार चूक गए। इस कारण वह रिक्शे से बाहर आए तब उन्होंने अपना मोबाइल फ़ोन निकाला और सभी बच्चों द्वारा उन्हें पीटते हुए उनकी तस्वीर लेने की कोशिश की, तो उनका मोबाइल फ़ोन छीन लिया। अनिकेत चव्हाण ने जाधव को पकड़ लिया और ज़बरदस्ती उनका मोबाइल फ़ोन छीनकर अपनी मोटरसाइकिल से भाग गए। इस घटना के बाद शिकायतकर्ता चंद्रकांत जाधव ने चतुर्शृंगी पुलिस स्टेशन में उपरोक्त आरोपियों के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई, जिसमें से तीन आरोपियों को चतुर्शृंगी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

अनिकेत राजेश चव्हाण को पुणे जिला व सत्र न्यायालय द्वारा अग्रिम जमानत न मिलने पर अनिकेत चव्हाण ने मुंबई उच्च न्यायालय में एडवोकेट हर्षवर्धन मिलिंद पवार की ओर से अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया। आरोपी अनिकेत चव्हाण व शिकायतकर्ता पुलिसकर्मी कई सालों से आमने-सामने रहते हैं। पुलिस कांस्टेबल जाधव, हालांकि पुलिसकर्मी हैं, घटना के समय ड्यूटी पर नहीं थे। इसके अलावा, मकान के निर्माण को लेकर वादी जाधव और अनिकेत चव्हाण के बीच पहले से ही विवाद चल रहा है। शिकायतकर्ता जाधव अपनी ड्यूटी खत्म करने के बाद रात 1 बजे नशे में घर आया और बिना किसी कारण के अनिकेत जाधव और अन्य बच्चों को गाली देना और मारना शुरू कर दिया। उनका मोबाइल फोन घटनास्थल पर ही तत्काल पाया गया इसलिए आरोपियों के खिलाफ पूरी तरह से झूठी शिकायत दर्ज कराई गई। आरोपियों की हिरासत से कुछ भी ज़ब्त नहीं किया जाना चाहिए। यह तर्क अधिवक्ता हर्षवर्धन पवार ने मुंबई उच्च न्यायालय में दिया। इसे स्वीकार करते हुए न्यायमूर्ति आर. एन. लड्ढा ने अनिकेत चव्हाण को अग्रिम जमानत दे दी।

मा. उच्च न्यायालय का आदेश पढ़ने के लिए कृपया यहां क्लिक करें।

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