हड़पसर, अप्रैल (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क)
शिरूर लोकसभा चुनाव क्षेत्र में सभी राजनीतिक दलों द्वारा मराठा समुदाय को धोखा दिया गया, इसलिए सर्वसम्मति से किसी भी राजनीतिक दल का समर्थन किए बिना शिरूर लोकसभा चुनाव क्षेत्र से मराठा उम्मीदवार को मैदान में उतारने का निर्णय लिया गया है।

मराठा आरक्षण लड़ाई के मुख्य संघर्ष नेतृत्व मनोज जरांगे पाटिल के आदेशानुसार लोकसभा चुनाव में प्रत्येक क्षेत्र से एक मराठा उम्मीदवार खड़ा करने का निर्णय लिया गया है, इस निर्णय के तहत शिरूर लोकसभा चुनाव क्षेत्र की बैठक आलंदी में हुई। बैठक में मराठा समुदाय के विभिन्न आंदोलनों में शामिल प्रदर्शनकारियों के साथ-साथ गांवों में श्रृंखलाबद्ध भूख हड़ताल करनेवालों और मराठा भाइयों और इच्छुक उम्मीदवारों ने भाग लिया। इस बैठक में शिरूर लोकसभा क्षेत्र से दस से बारह इच्छुक उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ने की इच्छा व्यक्त की। सभी उम्मीदवारों के नाम मनोज जरांगे पाटिल को भेजे जाएंगे और जरांगे पाटिल निर्णय लेंगे कि किसे उम्मीदवारी देनी है।

मराठा समुदाय की आरक्षण सहित कई अलग-अलग मांगें हैं, इन मांगों के लिए शिरूर लोकसभा चुनाव क्षेत्र के मौजूदा या पूर्व सांसद द्वारा कोई पहल नहीं की गई है, इसलिए उनके खिलाफ लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार उतारने का फैसला मराठा समाज की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निर्णय मनोज जरांगे पाटिल लेंगे, वे जिसे उम्मीदवारी देंगे हम उसे चुनकर लाने का काम करेंगे।
-संदीप लहाने पाटिल, सकल मराठा समाज, हड़पसर

मराठा समुदाय की आरक्षण और अन्य मांगों को लेकर मनोज जरांगे पाटिल द्वारा शुरू की गई लड़ाई में शिरूर लोकसभा चुनाव क्षेत्र से जरांगे पाटिल के नेतृत्व में यह चुनाव लड़ेंगे। जरांगे पाटिल जो उम्मीदवार देंगे उसे चुनकर लाने के लिए मराठा समुदाय के हम सभी कार्यकर्ता काम करने जा रहे हैं।
– मनोहर वाडेकर, सकल मराठा समाज, खेड

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