अलका चौक यातायात शाखा की महिला पुलिसकर्मी ने एक वरिष्ठ नागरिक के साथ की बदसलूखी!
वरिष्ठ नागरिकों से किस तरह बात करनी चाहिए इसका प्रशिक्षण देने की आवश्यकता?

पुणे , जुलाई (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)
सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप लगाकर पुलिस स्टेशन डायरी बनाकर पुलिस फुफकार दिखाती हूं, इन शब्दों में अलका चौक यातायात शाखा की महिला पुलिस पवार ने एक वरिष्ठ नागरिक का अनादर करके उनका अपमान किया था। वरिष्ठ अधिकारियों को महिला पुलिस अधिकारियों को वरिष्ठ नागरिकों से बात करने का प्रशिक्षण देना चाहिए।

नागरिकों ने यह मुद्दा उठाया है कि कुछ पुलिस महिला कर्मचारियों द्वारा अपने अधिकार का दुरुपयोग करने के कारण पुलिस प्रशासन की छवि धूमिल हो रही है।

लक्ष्मी रोड कुंटे चौक स्थित नो पार्किंग क्षेत्र से वाहन उठाते ही संबंधित चालक को 500 रुपये की ऑनलाइन रसीद दी गई।
गाड़ी को अलका चौक लाकर जंजीरों से बाँध दिया गया। वहाँ ट्रैफिक पुलिस ने जब पूछताछ की, तो टोईंग गाड़ी पर महिला पुलिसकर्मी पवार के पास चाबी है, वे आने के बाद ही दी जाएगी। यह बताया गया। यह घटना शुक्रवार (11 जुलाई) शाम 5.20 बजे की है। ट्रैफिक पुलिस ने शाम 4.48 बजे कुंटे चौक से गाड़ी उठाई। ऑनलाइन रसीद भी बनवाई गई। इस बीच, वहाँ मौजूद एक सेवक ने बाकी गाड़ियाँ छोड दीं। जब उनसे पूछा गया कि चाबी उनके पास कैसे तब उन्होंने जवाब दिया कि हमें नहीं पता, आप क्यों आए हो?

गाड़ी देने के बाद, अप्पा बलवंत चौक पर टोइंग वाहन सिग्नल के सामने फुटपाथ के किनारे खड़ी था (समय शाम 5.30 बजे) और महिला कर्मचारी गाड़ी में चाय पी रही थी। उस समय गाड़ी पार्किंग में नहीं थी, क्या इनके कोई नियम नहीं हैं?

चाबी के बारे में पूछने पर महिला पुलिसकर्मी पवार ने कहा, देखो, इसे अच्छी बात समझो कि आपकी गाड़ी छोड़ दी गई है। हम बिना पैसे लिए बिना गाड़ी नहीं छोड़ते। वह गाड़ी से उतरी, दो पहिया के सामने खड़ी हो गई, मेरा आईडी कार्ड लिया, मेरी फोटो खींची और स्टेशन डायरी बनाकर सरकारी काम में बाधा डालने का केस दर्ज करती हूं। चूँकि वह एक महिला कर्मचारी थी, बेचारा आदमी कुछ बोल नहीं सका। उसने उस वरिष्ठ नागरिक का अनादर करके टोइंग गाड़ी की तरफ चली गई।

अप्पा बलवंत चौक में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जांच करनी चाहिए और पुलिस विभाग का नाम बदनाम करनेवाली महिला पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए, ऐसा सेवानिवृत्त गुट शिक्षण अधिकारी सुनील गायकवाड़, प्रशांत कराले, मनोज सुतार, अभिजीत यादव, अनिकेत गरदडे, विशाल कालाने, राहुल कोंडे ने कहा।

कुंटे चौक रास्ते के किनारे ऐसी जगह गाड़ी खड़ी थी जहाँ से यातायात या सड़क किनारे वाहन बाधित न हो। उस समय चौक पर दो यातायात पुलिसकर्मी और एक वार्डन भी कर्तव्य पर थे तब उन्होंने इस मामले को वाहन चालक के संज्ञान में क्यों नहीं लाया, यह एक बड़ा सवाल है। दूसरे शब्दों में, अलका चौक ट्रैफिक विभाग का अजीब प्रबंधन देखने को मिला कि वे वाहनचालकों को गलती करने देते हैं और तुरंत उसके खिलाफ कार्रवाई करते हैं। यातायात पुलिस को भी इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि टोइंग वाहन सड़क पर खड़े होकर वाहनों को उठाने के लिए खड़े रहते हैं, जिससे यातायात जाम हो जाता है। वाहनों को उठाने से यातायात सुचारू नहीं होता इसके लिए यातायात नियोजन की आवश्यकता है, लेकिन यातायात विभाग द्वारा ऐसा होता नहीं दिख रहा है।

-एडवोकेट वी. वी. बोरकर, पुणे

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