×

महाराष्ट्र के निजी विश्वविद्यालयों की चुनौतियों पर होगा मंथन

महाराष्ट्र के निजी विश्वविद्यालयों की चुनौतियों पर होगा मंथन

महाराष्ट्र के निजी विश्वविद्यालयों की चुनौतियों पर होगा मंथन

महाराष्ट्र के निजी विश्वविद्यालयों की चुनौतियों पर होगा मंथन
पेरा द्वारा श्री बालाजी विश्वविद्यालय में गोलमेज सम्मेलन; मंत्री चंद्रकांतदादा पाटिल रहेंगे उपस्थित

पुणे, अप्रैल (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)
महाराष्ट्र के निजी विश्वविद्यालयों के प्रशासनिक दक्षता में सुधार लाने और सुचारू प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए प्रीमिनेंट एजूकेशन एंड रिसर्च एसोसिएशन (पेरा) द्वारा एक उच्चस्तरीय गोलमेज सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। राज्य ‘निजी विश्वविद्यालयों का सशक्तिकरण : उत्कृष्टता के लिए प्रणाली को सुव्यवस्थित करना’ विषय पर यह सम्मेलन 4 अप्रैल 2025 को सुबह 10:00 बजे श्री बालाजी विश्वविद्यालय, पुणे (एसबीयूपी) में आयोजित किया जाएगा।

वर्तमान में, नए निजी विश्वविद्यालय प्रशासनिक कार्यालय, परीक्षा विभाग और वित्त एवं लेखा शाखा जैसे बुनियादी विभागों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं। हालांकि, उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। नई शैक्षणिक नीति के अनुसार प्रवेश प्रक्रिया को अधिक सरल बनाना, प्रमाणपत्रों को त्वरित रूप से उपलब्ध कराना, वित्तीय प्रबंधन को सुव्यवस्थित करना और शैक्षणिक मूल्यांकन में होने वाली देरी को कम करना जैसे विषयों पर इस सम्मेलन में विस्तार से चर्चा होगी। इस दौरान विशेषज्ञ निजी विश्वविद्यालयों के समक्ष आ रही इन चुनौतियों पर मार्गदर्शन देंगे।

सम्मेलन के प्रमुख अतिथि एवं वक्ता
इस विशेष सम्मेलन में महाराष्ट्र सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांतदादा पाटिल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा, पेरा के अध्यक्ष और एमआईटी एडीटी विश्वविद्यालय के कार्यकारी अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) मंगेश कराड विशिष्ट अतिथि होंगे। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, महाराष्ट्र सरकार के निदेशक डॉ. शैलेंद्र देवलाणकर मुख्य वक्ता के रूप में सम्मिलित होंगे।
श्री बालाजी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. गंगाधर शिरुडे और पेरा के सीईओ डॉ. हनुमंत पवार ने आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस सम्मेलन के माध्यम से विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षा विशेषज्ञ और नीति निर्माता विश्वविद्यालयों की कार्यप्रणाली में आ रही बाधाओं को दूर करने के उपायों पर विचार-विमर्श करेंगे।

प्रशासनिक दक्षता और पारदर्शिता पर जोर
सम्मेलन के दौरान ऑटोमेशन (स्वचालन), डिजिटल सिस्टम इंटीग्रेशन और आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग के माध्यम से विश्वविद्यालयों की प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक कुशल बनाने पर गहन चर्चा की जाएगी। यह पहल महाराष्ट्र के निजी विश्वविद्यालयों को छात्रों और अभिभावकों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली सेवाएं प्रदान करने में मदद करेगी। साथ ही, यह सम्मेलन शैक्षणिक और प्रशासनिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक सुधारों को भी आगे बढ़ाएगा। पेरा के अध्यक्ष प्रो. डॉ. मंगेश कराड ने कहा कि इन प्रयासों से महाराष्ट्र की उच्च शिक्षा प्रणाली को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने में सहायता मिलेगी।

Spread the love

Post Comment