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‘झेप का वर्धापन-पौधों का संवर्धन’ का संदेश देते हुए झेप ने मनाया वर्धापन दिवस

‘झेप का वर्धापन-पौधों का संवर्धन’ का संदेश देते हुए झेप ने मनाया वर्धापन दिवस

‘झेप का वर्धापन-पौधों का संवर्धन’ का संदेश देते हुए झेप ने मनाया वर्धापन दिवस

‘झेप का वर्धापन-पौधों का संवर्धन’ का संदेश देते हुए झेप ने मनाया वर्धापन दिवस

पुणे अप्रैल (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)
पुणे कैन्टोन्मेंट बोर्ड झेप रेमेडीअल सेंटर पिछले 13 वर्षों से विशेष शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सेवा दे रहा है। पिछले 13 वर्षों से विकलांग विद्यार्थियों को उपचारात्मक शिक्षा, परामर्श, स्पीच थेरेपी, व्यावसायिक थेरेपी व फिजियोथेरेपी सहित सभी सेवाएं व सुविधाएं एक ही छत के नीचे निःशुल्क प्रदान की जा रही हैं। जब 20 मार्च 2012 को झेप की शुरुआत हुई तब केवल यहां 12 छात्र थे क्योंकि उस समय माता-पिता अपने बच्चों की विकलांगता को आसानी से स्वीकार नहीं कर रहे थे। हमारे समाज में जागरूकता की बहुत कमी है यह समझकर झेप ने जागरूकता बढ़ाने के लिए कई गतिविधियाँ लागू की हैं और इसके कारण अभिभावकों के बीच स्वीकृति बढ़ी।

IMG-20250331-WA0011-225x300 ‘झेप का वर्धापन-पौधों का संवर्धन’ का संदेश देते हुए झेप ने मनाया वर्धापन दिवस
झेप न केवल प्रवेशित बच्चों के लिए बल्कि उनके अभिभावकों के लिए भी हर माह विभिन्न विषयों पर कार्यशालाएं आयोजित की जाती हैं ताकि ऐसे बच्चों की समस्याओं से निपटने में आनेवाली कठिनाइयों को दूर किया जा सके। परिणामस्वरूप अभिभावकों में काफी जागरूकता आई है और अभिभावक अपने बच्चों की विकलांगताओं को स्वीकार कर रहे हैं तथा झेप की सहायता से अपने बच्चों के लिए अधिक सक्रियता से काम कर रहे हैं। इन 13 वर्षों में कई छात्र 10वीं व 12वीं कक्षा पास कर चुके हैं और आगे की शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। झेप ने कुछ सामाजिक संगठनों की मदद से शैक्षणिक रूप से अक्षम छात्रों के लिए व्यावसायिक शिक्षा की व्यवस्था की है। झेप के कुछ छात्र अल्पकालिक प्रशिक्षण के बाद नौकरी कर रहे हैं। इस प्रकार 13 वर्षों में झेप ने सफलतापूर्वक कई मील के पत्थर पार कर लिए हैं। वर्तमान में झेप में प्रवेश पूर्ण हो चुके हैं और 144 छात्र प्रतीक्षा सूची में हैं क्योंकि झेप की सफलता दर को देखने के बाद पुणे और बाहर के कई प्रसिद्ध अस्पताल अपने मामलों के लिए झेप में प्रवेश की सिफारिश कर रहे हैं।

झेप की वर्षगांठ के अवसर पर अभिभावकों को शामिल करने के लिए एक पहल लागू की गई, जिसमें प्रत्येक अभिभावक से कहा गया कि वे अपने परिसर में, आंगन में या यदि जगह न हो तो किसी गमले में अपने बच्चे, जो झेप का छात्र है उसके माध्यम से एक पेड़ लगाएं तथा उसकी तस्वीर झेप- अभिभावक समूह पर पोस्ट करें। इस पहल का नाम ‘झेप का वर्धापन – पौधों का संवर्धन’ रखा गया। वार्षिकोत्सव समारोह में जिन अभिभावकों ने इसमें भाग लिया तथा वृक्षारोपण की तस्वीरें झेप ग्रुप को भेजीं, उनकी विशेष सराहना की गई तथा इस अवसर पर घोषणा की गई कि इन वृक्षों का जन्मदिन प्रत्येक वर्ष ‘झेप’ की वर्षगांठ पर मनाया जाए।

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झेप के छात्र विराज उमेश सुपे को ‘आदर्श छात्र पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया तथा ‘आदर्श अभिभावक’ पुरस्कार उन अभिभावकों को दिया गया, जिन्होंने कक्षा 1 से 10 तक अपने बच्चे की विकलांगता को जानते हुए भी हठ और अडिगता से अपने बच्चे के पालन-पोषण में कहीं भी पीछे नहीं हटे। इस अवसर पर ‘झेप’ और स्कूलों के बीच समन्वय स्थापित करनेवाले कोर कमेटी के सदस्यों को साथ ही झेप को विभिन्न तरीकों से मदद करनेवाले दानदाताओं को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों ने अपने बच्चों की प्रगति में झेप द्वारा दिए गए योगदान के लिए आभार व्यक्त किया तब वे बहुत भावुक हो गए थे।

उक्त कार्यक्रम में पुणे कैंन्टोन्मेंट बोर्ड के जॉईंट सी.ई.ओ. श्री दिग्विजयसिंह, पुणे कैन्टो. बोर्ड कार्यालय अधिक्षक श्री रॉबर्ट , कल्पवृक्ष संस्था की संचालिका व बाल शिक्षा विशेषज्ञ वृषाली सालसकर, पी.ए.टू.सी.ई.ओ. अनिता ज्येष्टी, सुनिला नायर, सामाजिक कार्यकर्ता मनजितसिंह विरदी, चिकित्सा विशेषज्ञ आशीष आरोले, पुणे कैंन्टो. बोर्ड शालेय विभाग की सुनंदा दिघे, हिंदी विभाग के श्री शहाजी पाटिल, कैन्टोन्मेंट स्कूल की मुख्याध्यापिका दिपाली चाचड, विमल धुमाल, श्री केशव भोसले, श्री तानाजी ढमढेरे आदि गणमान्य प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

कार्यक्रम का प्रस्ताविक झेप के प्रमुख मनिष खंडागले और सूत्र-संचालन पल्लवी जाधव ने किया। कार्यक्रम का संयोजन प्रियंका मोरे, अंबिका गायकवाड, सुनीता जगताप, नंदिनी वाघमारे द्वारा किया गया।

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