×

भारतीय संविधान सदियों तक देश का मार्गदर्शन करेगा : उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे

भारतीय संविधान सदियों तक देश का मार्गदर्शन करेगा : उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे

भारतीय संविधान सदियों तक देश का मार्गदर्शन करेगा : उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे

भारतीय संविधान सदियों तक देश का मार्गदर्शन करेगा : उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे

मुंबई, मार्च (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)

भारतीय संविधान ने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की नींव रखी। इसने भारतीय संस्कृति और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित किया और अरबों भारतीयों के सपनों को सशक्त बनाया। पिछले 75 वर्षों सेसंविधान देश का मार्गदर्शन कर रहा हैऔर यह आगे भी शताब्दियों तक करता रहेगाऐसा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विधान परिषद में कहा।

भारतीय गणराज्य की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर “भारत के संविधान की गौरवशाली अमृत महोत्सवी यात्रा” विषय पर विधान परिषद में चर्चा आयोजित की गई। इस चर्चा में उपमुख्यमंत्री श्री शिंदे ने अपने विचार व्यक्त किए।

उन्होंने कहा कि संविधान ने यह सुनिश्चित किया है कि हर व्यक्ति सम्मान और न्याय के साथ जीवन व्यतीत कर सके। संविधान ने महिलाओं और पुरुषों को समान अधिकार प्रदान किएजिससे महिलाएं मुख्यमंत्रीराज्यपालन्यायाधीशलोकसभा अध्यक्षप्रधानमंत्री और राष्ट्रपति जैसे उच्च पदों तक पहुंच सकीं। इसलिएसंविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं बल्कि लोकतंत्र की संहिता है।

संविधान निर्माता डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के प्रति प्रत्येक भारतीय को सदैव कृतज्ञ रहना चाहिए। भारत का स्वतंत्रता संग्राम महात्मा गांधीलोकमान्य बाल गंगाधर तिलकवीर सावरकरभगत सिंहचंद्रशेखर आज़ाद और अनगिनत ज्ञात-अज्ञात वीरों के नेतृत्व में लड़ा गया थाजिसने अंततः देश को संविधान तक पहुंचाया।

उपमुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि राज्य सरकार संविधान के सभी मानकों का पालन करते हुए जनता के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। लेक लाडकीलाडकी बहन जैसी जनकल्याणकारी योजनाएंसारथीबार्टीआर्टीमहाज्योती जैसी संस्थाएं और किसानों के लिए कृषि सुधार योजनाएं संविधान द्वारा प्रदत्त समानता के सिद्धांत को सशक्त बना रही हैं। इसके अलावास्वास्थ्यशिक्षाकृषिमहिला सशक्तिकरण और प्रौद्योगिकी जैसे विभिन्न क्षेत्रों में ठोस कार्य करके संविधान के सिद्धांतों का पालन किया जा रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि महाराष्ट्र देश का विकास इंजन हैऔर यह इंजन केवल आर्थिक शक्ति से नहींबल्कि संविधान के सिद्धांतों से ऊर्जा प्राप्त करता हैऔर भविष्य में भी करता रहेगा।

डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के संदर्भ में उन्होंने कहा कि डॉ. आंबेडकर द्वारा रचित संविधान कभी पुराना नहीं होगा। कोलंबिया विश्वविद्यालय की एक रिपोर्ट के अनुसार, 200 वर्षों में उस विश्वविद्यालय से पढ़े गए विद्वानों में से डॉ. आंबेडकर पहले स्थान पर थे। इस कारण कोलंबिया विश्वविद्यालय में डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित की गईजिसके नीचे लिखा गया है “द सिंबॉल ऑफ नॉलेज” (ज्ञान का प्रतीक)।

उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने अनुच्छेद 370 को हटाने का ऐतिहासिक और साहसिक निर्णय लिया।

उपमुख्यमंत्री शिंदे ने कहा, संविधान की 75 वर्ष की यह यात्रा गौरवशाली और प्रेरणादायक हैऔर यह भारत की प्राचीन लोकतांत्रिक विरासत का उत्सव है। इस पवित्र संविधान के मार्गदर्शन मेंहम आगे बढ़ते रहेंगे और लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाएंगे। संविधान की महत्ता और पवित्रता को अगली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिएप्रत्येक तालुका में संविधान भवन स्थापित किए गए हैं।

Spread the love
Previous post

मुख्य निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में मतदाता सूची के सतत अद्यतन प्रक्रिया पर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक

Next post

विधानमंडल का बजट सत्र राष्ट्रगान के साथ स्थगित : अगला सत्र 30 जून को मुंबई में

Post Comment