राज्य का 6 लाख 12 हजार 293 करोड़ रुपये के प्रावधान वाला अतिरिक्त बजट वित्त मंत्री अजीत पवार ने विधानमंडल में किया पेश

राज्य का 6 लाख 12 हजार 293 करोड़ रुपये के प्रावधान वाला अतिरिक्त बजट वित्त मंत्री अजीत पवार ने विधानमंडल में किया पेश

मुंबई, जून (महासंवाद)
महाराष्ट्र की गौरवशाली आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपरा रखने वाले वारकरी बंधुओं के लिए ’मुख्यमंत्री वारकरी संप्रदाय महामंडल’, पंढरपुर वारी के वैश्विक नामांकन के लिए यूनेस्को को प्रस्ताव भेजने की घोषणा, वारी की मुख्य पालकी में दिंडियों को प्रतिदिन 20,000 रुपये, ’निर्मल वारी’ के लिए 36 करोड़ रुपये की निधि, 21 ते 60 उम्र की पात्र महिलाओं को हर महीने डेढ हजार रुपये देने वाली ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना’, रिक्शा व्यवसाय के लिए महिलाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए ’पिंक ई-रिक्शा’ योजना, राज्य के 52 लाख परिवारों को वर्ष में तीन गैस सिलेंडर मुफ्त देनेवाली ‘मुख्यमंत्री अन्नपूर्ण योजना’, महिला लघु उद्यमियों के लिए ’पुण्यश्लोक अहिल्या देवी स्टार्टअप योजना’, उनके लिए 15 लाख ऋण ब्याज वापसी, वर्तमान वर्ष से ओबीसी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की लड़कियों को इंजीनियरिंग, वास्तु शास्त्र, फार्मेसी, चिकित्सा, कृषि में सभी व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए शैक्षिक और परीक्षा शुल्क की पूर्ण प्रतिपूर्ति, राज्य के दस लाख युवाओं को प्रत्यक्ष काम पर प्रशिक्षण और हर महीने 10 हजार रुपयों तक विद्यावेतन देनेवाली ‘मुख्यमंत्री युवा कार्यप्रशिक्षण योजना की घोषणा, ‘मुख्यमंत्री बलिराजा राहत योजना’ के तहत राज्य के 44 लाख किसानों को मुफ्त बिजली आपूर्ति, दूध उत्पादक किसानों को 5 रुपये प्रति लीटर की सब्सिडी, अल्पसंख्यक छात्रों के लिए विदेशी शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति, नवी मुंबई के महापे में रत्न एवं आभूषण पार्क का निर्माण, सिंधुदुर्ग में 66 करोड़ की लागत से अंतर्राष्ट्रीय पनडुब्बी केंद्र और स्कूबा डाइविंग केंद्र का निर्माण, बारी समुदाय के लिए ’संत श्री रूपलाल महाराज आर्थिक विकास निगम’ की स्थापना, स्वराज्य की राजधानी रायगढ़ में हर वर्ष शिव राज्याभिषेक समारोह का आयोजन, महाराष्ट्र का अभिमान, स्वाभिमान बढ़ाने वाला ऐसे निर्णयों का समावेश वाला, किसान, मजदूर, विद्यार्थी, युवक, महिला, पिछड़ा वर्ग, आदिवासी, अल्पसंख्यक ऐसे सभी घटकों को न्याय, खेती, उद्योग, शिक्षण, व्यापार, स्वास्थ्य, पर्यटन ऐसे विविध क्षेत्रों के विकास को गति देनेवाला वर्ष 2024-25 का अतिरिक्त बजट उपमुख्यमंत्री तथा राज्य के वित्त व नियोजनमंत्री अजीत पवार ने शुक्रवार को विधानसभा में पेश किया।


वित्तमंत्री श्री पवार ने 27 फरवरी 2024 को चालू वित्त वर्ष के लिए अंतरिम बजट पेश किया था। लोकसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में अंतरिम बजट पेश करने के बाद उपमुख्यमंत्री श्री पवार ने अतिरिक्त बजट पेश किया। उपमुख्यमंत्री श्री पवार ने वित्त एवं योजना मंत्री के रूप में अपना पहला बजट मार्च 2011 में पेश किया था। उसके बाद से पेश किया गया यह उनका दसवां बजट है।

उपमुख्यमंत्री ने अपने बजट भाषण की शुरुआत जगद्गुरु संत तुकाराम महाराज के ‘उदंड पाहिले, उदंड ऐकिले… उदंड वर्णिले, क्षेत्रमहिमे। ऐसी चंद्रभागा, ऐसे भीमातीर ऐसा विटेवर, देव कोठे॥ ऐसे संतजन, ऐसे हरिचे दास ऐसा नामघोष, सांगा कोठे। तुका म्हणें, आम्हां अनाथाकारणें पंढरी निर्माण, केली देवें॥’ अभंग से की।

उपमुख्यमंत्री श्री पवार द्वारा प्रस्तुत अतिरिक्त बजट 2024-25 में कुल व्यय के लिए 6 लाख 12 हजार 293 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें राजस्व जमा 4 लाख 99 हजार 463 करोड़ रुपये है। राजस्व व्यय 5 लाख 19 हजार 514 करोड़ रुपये अनुमानित है। वार्षिक योजना कार्यक्रम व्यय के लिए एक लाख 92 हजार करोड़ रुपये और अनुसूचित जाति योजना के लिए 15 हजार 893 करोड़ रुपये, आदिवासी विकास उपाय योजना के लिए 15 हजार 360 करोड़ रुपये और जिला वार्षिक योजना के लिए 18 हजार 165 करोड़ रुपये का परिव्यय प्रस्तावित किया गया है। राजस्व घाटा 20 हजार 51 करोड़ रुपये, राजकोषीय घाटा 1 लाख 10 हजार 355 करोड़ रुपये है।

राज्य सरकार ने किसानों के लिए कई फैसले लिए हैं और सरकार आत्मनिर्भर किसान, समृद्ध किसान के आदर्श वाक्य को ध्यान में रखते हुए किसानों को विभिन्न स्तरों पर सहायता करने के लिए प्रतिबद्ध है। बीजों पर सीधी सब्सिडी, सिंचाई सुविधा, आधुनिक तकनीक का उपयोग, सहायक उद्योगों को बढ़ावा, कृषि उपज का मूल्यवर्धन, कृषि उपज का भंडारण, बाजार की उपलब्धता आदि को लेकर विभिन्न योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं।

अब तक कुल 92 लाख 43 हजार किसान परिवारों को नमो शेतकारी महासम्मान निधि योजना के तहत 5 हजार 318 करोड़ 47 लाख रुपये की सब्सिडी दी गई है। “एक रुपया फसल बीमा योजना” के अंतर्गत 59 लाख 57 हजार किसानों को 3 हजार 504 करोड़ 66 लाख रूपये की राशि का भुगतान किया गया है। गोपीनाथ मुंडे कृषक दुर्घटना सुरक्षा सानुग्रह अनुदान योजना के अंतर्गत 2 हजार 694 किसान परिवारों को 52 करोड़ 82 लाख रुपये वितरित किये गये हैं। महात्मा ज्योतिराव फुले शेतकारी कर्जमुक्ति योजना के तहत नियमित रूप से फसल ऋण चुकाने वाले 14 लाख 33 हजार किसानों को प्रोत्साहन राशि के रूप में 5 हजार 190 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।

इस उद्देश्य के लिए वर्तमान बजट में पर्याप्त धनराशि आवंटित की गई है।
उपमुख्यमंत्री श्री पवार द्वारा प्रस्तुत अतिरिक्त बजट में राज्य भर में पेट्रोल और डीजल पर मूल्य वर्धित कर को एकसमान करने का प्रावधान किया गया है, इसके कारण आम नागरिकों के साथ-साथ उद्योग और व्यापार क्षेत्र को भी राहत मिलेगी। इस बजट में पांच केंद्रीय सशस्त्र बलों के जवानों को व्यवसाय कर से छूट, स्टांप शुल्क दंड में कमी, स्टांप शुल्क की वापसी आदि के माध्यम से नागरिकों को राहत दी गई है।

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