भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर एम राजेश्वर राव ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों-एनबीएफसी को पीयर-टू-पीयर यानी ऑनलाइन माध्यम से ऋण देने के बारे में चेतावनी दी है। उन्‍होंने कहा कि रिजर्व बैंक को दिशानिर्देशों के अनुरूप कुछ व्यावसायिक प्रथाओं का पता चला है। श्री राव ने आज मुंबई में भारतीय उद्योग परिसंघ के एनबीएफसी शिखर सम्मेलन के छठे संस्करण को संबोधित किया।

श्री राव ने कहा कि ऋणदाताओं का लाइसेंसिंग शर्तों और नियामक दिशानिर्देशों का कोई भी उल्लंघन अस्वीकार्य है। उन्होंने ऊंची ब्याज दरें वसूलने के लिए माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के प्रति रिजर्व बैंक की नाराजगी पर भी प्रकाश डाला। उन्‍होंने कहा कि बैंक ऐसी प्रथाओं से परिचित है। डिप्टी गवर्नर ने कहा कि एनबीएफसी सेक्टर भारतीय वित्तीय क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण हितधारक है। श्री राव ने आशा व्यक्त की कि एनबीएफसी आगे चलकर भारत के पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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