कठिन समय व आपात्कालीन परिस्थिति में मददगार हैं जीवनरक्षक टाक पिता-पुत्र

कठिन समय व आपात्कालीन परिस्थिति में मददगार हैं जीवनरक्षक टाक पिता-पुत्र

हड़पसर, जून (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क)
शहीद भगतसिंह जीवनरक्षक फाउंडेशन के अध्यक्ष जीवनरक्षक डॉ.बच्चूसिंह टाक और उनके बेटे आजादसिंह टाक पुलिस प्रशासन व अग्निशमक दल के लिए सही मायने में तारणहार साबित होते हैं। नहर-नाली में डूबनेवालों की जान बचानी हो या सड़क दुर्घटना में जख्मी हो या कठिन समय हो या आपात्कालीन परिस्थिति इनकी जुबान पर पहला नाम आता है ‘जीवनरक्षक टाक पिता पुत्र का।’

अभी की बात है कि 6 जून को पत्रकार वसंत वाघमारे ने सूचना दी कि पुणे के बी.टी. कवड़े रोड पर नहर में एक शव बह रहा है। जानकारी मिलते ही डॉ. बच्चूसिंह गुरुमुखसिंह टाक यथाशीघ्र वहां पहुंचे और हड़पसर शिंदे बस्ती के पास पानी में कूदकर शव को बाहर निकाला और एम्बूलेंस में रखकर पुलिस को सौंप दिया। दूसरी घटना 8 जून को मगरपट्टा के स्थानीय निवासियों ने फोन पर सूचना दी कि मगरपट्टा के पीछे छोटी नहर में एक अज्ञात शव है। संदेश मिलने पर डॉ. बच्चूसिंह टाक, आजादसिंह टाक और उनके साथी वीरेंद्र सिंह टाक, सुनील शिंगाड़े मगरपट्टा के पीछे छोटी नहर में पहुँच गए। नहर के पानी में एक शव पूरी तरह से सड़-गल चुका था, पानी में उतरने के बाद शव को पानी से बाहर निकाला गया और एम्बूलेंस को बुलाकर शव को एम्बूलेंस में रखकर पुलिस को सौंप दिया।

पिछले कई वर्षों से आपदा प्रबंधन, सामाजिक क्षेत्रों में अहम योगदान, आम जनता के लिए समर्पित नि:स्वार्थ सेवा व प्रेरणादायक और विधायक कार्य जीवनरक्षक डॉ.बच्चूसिंह टाक और उनके बेटे आजादसिंह टाक द्वारा जारी है।

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