भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (डीओटी) के प्रमुख दूरसंचार अनुसंधान एवं विकास केंद्र सी-डॉट और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, खड़गपुर (आईआईटी-के) ने ’10-गीगाबिट-सक्षम सममित निष्क्रिय ऑप्टिकल नेटवर्क (एक्सजीएस-पीओएन) ऑप्टिकल लाइन टर्मिनल (ओएलटी) और ऑप्टिकल नेटवर्क यूनिट (ओएनयू) के लिए प्रोटोटाइप को विकसित करने’ के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।

इस समझौते पर हस्ताक्षर भारत सरकार के दूरसंचार विभाग की दूरसंचार प्रौद्योगिकी विकास निधि (टीटीडीएफ) योजना के तहत किए गए हैं, जो प्रौद्योगिकी डिजाइन, विकास, दूरसंचार उत्पादों के व्यवसायीकरण और समाधानों में शामिल घरेलू कंपनियों और संस्थानों को वित्त पोषण सहायता प्रदान करने की एक योजना है और ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में किफायती ब्रॉडबैंड और मोबाइल सेवाएं सक्षम करना है।

इस परियोजना के तहत, आईआईटी खड़गपुर 10-गीगाबिट-सक्षम सममित निष्क्रिय ऑप्टिकल नेटवर्क (एक्सजीएस-पीओएन) ऑप्टिकल लाइन टर्मिनल (ओएलटी) और ऑप्टिकल नेटवर्क यूनिट (ओएनयू) के लिए प्रोटोटाइप विकसित करेगा। यह परिकल्पित किया गया है कि यह परियोजना अत्याधुनिक 10 जीबीपीएस अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम एक्सेस नेटवर्क प्रौद्योगिकी समाधान के नए डिजाइन, विकास और व्यवसायीकरण का सृजन करेगी। इससे भारत में किफायती ब्रॉडबैंड और मोबाइल सेवाओं के विकास में सहयोग मिलेगा।

इस कार्यक्रम में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान (आईआईटी) खड़गपुर के सहायक प्रोफेसर अनीक आध्या, सी-डॉट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डॉ. राजकुमार उपाध्याय, सी-डॉट के निदेशक – डॉ. पंकज कुमार दलेला और सुश्री शिखा श्रीवास्तव ने भाग लिया और समझौते पर हस्ताक्षर समारोह के दौरान भी उपस्थित थे। सी-डॉट और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, खड़कपुर दोनों के प्रतिनिधियों ने अपना उत्साह व्यक्त किया और इस कार्य को आगे बढाने के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराया।

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